पहली बारिश
)पहली बारिश
हिना के रंग बिखरे जंमी पर,तो कुछ बात बने,
मन में कुछ सोंधापन उतरे,तो कुछ बात बने|
गरज-बरज से बादल बरसे,भीगे आचंल धरा का,
मेहबूब के आने का इश्क घुले,तो कुछ बात बने|
मेहंदी सज रही बूँदो की, ख्वाब में भीगे रहे,
आँखो में तेरा आना महके,तो कुछ बात बने|
चाँद उतरा दिन की पेशानी में,चाँदनी सब हो गया,
आज तुम भी एक रात रोको,तो कुछ बात बने|
आयत तेरे नाम की , शुकराना मंजर हो गया,
ये आदत थोड़ी तुम पर चढ़े,तो कुछ बात बने|
नजरो के जो तीर चले,निकाह निगाहो का ही होगा,
ये तपिश तुम्हारी निगाहो में उतरे,तो कुछ बात बने|
अंजू निगम
इंदौर
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