सूर्य है महान

सूर्य है महान

चला था आज वो सूरज से लेने पंगा,
ठान लिया आज कर रहेगा वो दंगा|

सूरज ने जो दिखलाये अपने तेवर,
दिन में ही नाच उठे आँखो के घेवर|

दूर ही रहे मुझसे ऐ इंसान नादान,
गर न बन सका तु मेरा कद्रदान|

उगता मैं तो करता दिन का आगाज

डुबता हूँ तो करूँ रात का निर्माण।






अंजू निगम
देहरादून





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