शब्द सीढ़ी-२९
तिथी-९ सितम्बर,२०१८
वार-शनिवार
शब्द-खामोशी, तन्हाई, अपनापन,बंदिशे,तड़प
आजकल#खामोशी भी मुझसे बाते करने लगी हैं,
#तन्हाईयाँ भी भीड़ में खड़ा करने लगी हैं,
अजनबी सा शहर भी#अपनापन ढुंढता सा हैं,
माना लाख#बंदिशे दी थी जमाने ने,
पर मेरी #तड़प की तासीर ही थी बेपनाह|
अंजू निगम
इंदौर
#साहित्य-सागर
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