इधर पिछले रविवार सूजी(मि.डिसुजा की बेटी)आ नहीं पायी|फोन करने पर मालूम हुआ कि उसे मियादी बुखार ने आ घेरा हैं|उनका दिल बैचेन होने लगा|उन्हें मालूम था कि सूजी उनसे बुखार की गंभीरता के बारे में बतायेगी नही|वो तो बुखार के बारे में भी न बताती|पर उसकी आवाज ने सारी स्थिति बयां कर दी|सूजी को मालूम तो था कि डैडी बेवजह परेशान ही होगे|पर इस बार हिम्मत कर मि.डिसुजा सूजी से मिलने अकेले ही चल दिये|साथ देने को भी किसको आवाज देते|
डैडी को अपने सामने देख सूजी हैरान भी हूई और उसे ब हूत राहत भी हूई|इधर जब से माँ नहीं रही हर इतवार डैडी को देख लेना उसकी आदत में शामिल हो गया था|
आकर मि.डिसुजा ने अपने दायरे तक जो संभव हो सकता था,उतनी सूजी की मदद की|इससे उनके दिन व्यस्त हो जाते|दिल में बेटी के लिये कुछ कर लेने की भी संतुष्टि रहती|
केविन को घर की दोहरी जिम्मेदारी से छूट मिली|वैसे भी बुजुर्गों की छत्रछाया से सूकुन तो मिलता ही हैं|ये बात दीगर थी कि केविन ने इसे कभी जाहिर न होने दिया|कितने दिनो बाद मि.डिसुजा को घर में घर सा अहसास हुआ|
मि.डिसुजा को लगा जैसे वे मैरी की भूमिका में आ गये हो|मैरी की तरह ही उन्होंने बेटी की फिक्र करनी शुरू कर दी थी|मैरी को जैसे उन्होंने अपने में ओढ़ लिया था|
सूजी को इतने दिनो बाद आज लगा कि वो बेफिक्र हो बीमार रह सकती हैं|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
नेहा ने तबादले से होने वाली टुटन को दिल से महसूस किया था| जब पैर जमने लगते और दोस्तो की ऱेहरिस्त लंबी होने लगती तब वहाँ से उखड़ किसी दूसरी ...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
विश्व हिंदी दिवस की आप सभी सुधीजनों को शुभकामनाएं। इस अवसर पर अपने कुछ हाइकु पटल पर प्रेषित कर रही हूँ। हिंदी ही भाषा विश्व पटल पर मान बढ़ाये...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
जेवर "जिज्जी, क्या सोचा? मालू की दुल्हन की गोद भराई में क्या देना है? सोना तो आग पकड़े है। पुन्नी बता रही थी कि पचास के ऊपर पहुँच गया है...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
लकीरे राहुल के घर का आज गृहप्रवेश था|बड़े शौक से बनवाया शानदार घर| पूरा घर गुलाब और गेंदे की लड़ियों से गमक रहा था|अभी मेहमानो का आना शुरू न...
-
गुरु मंत्र मैं अपनी ही बहन का फोन "इग्नोर"करने लगी थी|मुझे लगता कि वो हर बात को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान हो जाती हैं|फिर वो समय ...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें