जब मंजरी के पति शलभ घर पर होते तो दिव्या का वाणी पर संयम रहता|पर उनके हटते ही दिव्या की आवाज तेज हो जाती|🙅🙅 मंजरी की बात की अवहेलना करना, उसकी बातों की बेअदबी रोज का शगल था|🙅🙅🙅
दिव्या मां को बैठी देख चुकी थी और चेहरे पर छाये चिंता के भावों को भी| पर उन सब को देख अनदेखा कर वो अपने कमरे की ओर बढ गई|🙅🙅🙅उसका ये रूखा व्यवहार मंजरी को भीतर तक चोट पहुँचाता था| और ये बात दिव्या जानती थी|
मंजरी अक्सर सोचती कि जिस बेटी को उगंली पकड़ चलना सिखाया आज उसका कद उससे ऊँचा हो गया|🙅🙅
मंजरी का बेटा जरूर उसका साथ देता|दीदी का माँ के प्रति रूखा व्यवहार उससे छुपा तो नहीं था| हर लडाई के बाद वही तो होता माँ के आँसू पोछने के लिये|🙅🙅
शलभ तटस्थ रहते|🙅🙅मंजरी को ही चुप रहने की सलाह दी जाती🙅🙅 मंजरी कुछ समझाने की कोशिश करती तो बच्ची हैं का जुमला उछाल दिया जाता|🙅🙅उनका यही व्यवहार दिव्या को शह देता|🎊🎊
शलभ टूर पर थे| अक्सर ही टूर पर होते|ऊँचे पद की अपनी जिम्मेदारियों होती हैं|😘😘 तभी न बच्चों के प्रति उदार बने रहते|😘😘टूर से आने पर "सब अच्छा हो" यही सोच रहती|😘😘मंजरी का कुछ कहना उसे ही कठघरे मे खड़ा कर देता|🙅🙅 इसी वजह से मंजरी चुप हो चली थी|🙅
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें