अपने हिस्से का आसमान

दिव्या स्कूटी को स्टैंड में लगा लापरवाही से बालों को झटकती घर के मुख्य द्वार से अन्दर आयी|
  खुले लंबे बाल,छोटा सा टॉप और घुटनो से फटी जीन्स, जिसे दिव्या फैशन कहती थी|🙅🙅🙅
ड्राइंग रूम में मंजरी बैठी थी|दिव्या की मम्मी| दिव्या को देख उनके मन में राहत के भाव तिर आये|💝 दी या से कुछ पूछ लेना उन्हें नही भाया|आज सुबह ही माँ-बेटी मैं तीखी नोक-झोक हो चुकी थी|दिव्य की जहर उगलती जुबान ने मंजरी को भीतर तक आहत किया था|

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