अंतिम किस्त

उसने माँ को फोन मिलाया| सारी बाते  संक्षिप्त में बतायी पर माँ ने केवल आश्वासन दिया| चले आने को कोई  संकेत न दिया|
    इन विपरीत परिस्थितियों में सुचिता का दिमाग तेजी से चलने लगा| अंकित अस्पताल में हैं| सो, अस्पताल के बिल, दवाईयों के लिये पैसे तो चाहिये| सो उसने जल्दी से घर में रखे सारे पैसे अपने पर्स में भरे| ए.टी.एम कार्ड रख लिया| क्या पता आड़े वक्त क्या जरुरत पड़ जाये| उसका अंकित एकदम ठीक होगा| उसे कुछ न होगा|
     बिना कुछ मुँह में डाले वो अस्पताल के लिये निकल पड़ी|अस्पताल बड़ा था| सो, ढु़ंढ लेने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई|
    दौड़ती वो रिसेप्शन में गई| अंकित का वार्ड नबंर पुछ वो तेजी से वार्ड की तरफ भागी| वार्ड के आगे वही सज्जन खड़े थे जिन्होने फोन किया था| उन्होंने ही बताया," आपके पति को पीछे से कोई टक्कर मार भाग गया था| मैं वही से गुजर रहा था| आपके पति सड़क में पड़े कराह रहे थे| चलने में असमर्थ थे| सिर में भी चोट आयी थी पर आपके पति भाग्य वाले थे| कि सिर की चोट गंभीर नहीं थी| जैसा एक्सीडेंट हुआ उस हिसाब से आपके पति को नया जीवन मिला| किसी के दिल से का गई दुआ का असर था जैसे"
     सुचिता को डाक्टर ने बुला सारी औपचारिकताये पूरी की|अंकित को ऑपरेशन थियेटर ले जाने के लिये| उसका एक पैर बुरी तरह जख्मी था| अंकित को होश नहीं था| जब सुचिता अंकित के सामने खड़ी हुई तब बड़ी मुश्किल से उसने अपनी रुलाई रोकी| ये समय कमजोर पड़ जाने का तो नहीं था|
     अंकित को जब ऑपरेशन थियेटर ले गये| तब सुचिता अंकल से मुखातिब हुई," अंकल आप न होते तो  जाने क्या होता| आप लोगो की वजह से ही ये संसार चल रहा हैं| दुनिया में मानवता अभी भी बाकी हैं" सुचिता ने हाथ जोड़ कर कहा|
     " नहीं बेटी, ये को मेरा फर्ज था| कभी इसकी जगह भगवान न करे मेरा कोई अपना होता फिर? सब अपने फर्ज से यूँ हाथ खींच लेगे तो कैसे चलेगा" अंकल बोल उठे|
" ये तो आपका बड़प्पन हैं" बोलते वक्त सुचिता की आँखे भर आयी|
     अंकल से उसने लाख कहा कि आप रात से यहाँ बैठे हैं| आप घर चले जाईये| पर वो बोले," तुम्हारे साथ कोई होता तो मैं चला जाता पर जब आपके पति को ऑपरेशन थियेटर के बाद रुम में शिफ्ट कर दिया जायेगा तभी मैं घर जाऊँगा"|
    सुचिता को सहारा भी मिला और ग्लानि भी| यहाँ तो सब अपने होते कोई खड़ा न हुआ|
        उपेक्षा का ये दंश बहुत पीड़ा दे रहा था|

कहानी का शेष भाग कल तक| कृपा मेरे साथ बने रहे|

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