कुछ दिन पहले की बात हैं| हम ट्रैफिक लाइट पर रुके हुये थे| इतने में एक बुढ़े ,गरीब सा आदमी एक-एक कार के बगल में आ अपने हाथो में पकड़ी'ear bud' बेचने की कोशिश कर रहा था|
थोड़ी देर में हमारी कार के बगसल में आ हमसे भी उसने यही गुहार लगायी| अपनी डबडबायी आँखो से उसने बड़ी मर्म स्पर्शी कहानी सुनाई| जिसके अनुसार अपने बेटे के इलाज के लिये उसे एक महीने के अंदर एक बड़ी रकम अस्पताल में जमा करवानी हैं| उसी रकम को जमा करने वो दर-दर भटक रहा हैं|
उनकी कहानी से पिघल और कुछ उनकी उम्र का लिबाज करने मैंने उनसे दो 'ear bud' के पैकेट २०/- में खरीद लिये| घर आ पैकेट खोल कर देखा तो प्रति पैकेट ५/- दाम पड़ा था| पर मैंने ये सोच कि चलो वो मेहनत कर रहे हैं इतनी और कम से कम भीख माँग कर तो पैसा नहीं कमा रहे, अपने मन को समझा लिया|
कुछ हफ्तो बाद मेरा फिर बाजार जाना हुआ| फिर वही चौराहे पर गाड़ी रुकी और फिर वही बुर्जुग 'ear bud' बेचते दिखायी पड़े| कहानी भी वही| अंतर केवल लिंग में आ गया था| अब बेटे की जगह बेटी हो गयी थी|
ये देख मेरा मन एकदम खट्टा हो गया| मैं ये सोचने पर मजबूर हो गयी कि इन्हीं जैसे लोगो की वजह से हम उन लोगो की मदद करने से पीछे रह जाते हैं जो वाकई जरुरतमंद होते हैं|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें