स्नेहा ने अपने पति को कहा भी था कि मेरी सहेली अपने पति के साथ आ रही हैं| पर ऊँचे पद की अपनी जिम्मेदारियाँ होती हैं| सो, उसके पति आने में असमर्थ रहे| नेहा को बड़ी कोफ्त हुई|
व्योम ने एक दो बार स्नेहा को देखा तो उसे भी अपनी तरफ तकते ही पाया| इससे कुछ दंभ सा तारी हो गया शायद उस पर|
जो भी हो व्योम की विगत की बनी तस्वीर टुटने लगी थी|व्योम ने जो इतने दिनो अपने मन में तस्वीर बनायी थी वो दरकने लगी थी|
स्नेहा के अंदर वही मानसिकता पल रही थी कि नेहा के आगे उसे कमतर नहीं दिखना हैं| पर मेकअप की परते भी उसकी उम्र नहीं ढक पाये| नेहा के चेहरे की सौम्यता के आगे उसका सारा बनाव -श्रृगांर फीका रहा|
स्नेहा के दूसरे गुमान थे| तभी न एक दिन उसने अपने मन की कह ही ली|
" नेहा, तेरे पति ने हिम्मत न दिखायी| नहीं तो आज तेरी जगह मैं बैठी होती"|
नेहा को इससे मतलब न था कि स्नेहा की क्या सोच बनती हैं|उसे तो बस अपने पति से मतलब था जो अब दोबारा मुड़ कर स्नेहा की ओर देखना भी नहीं चाहता था|
नेहा को इस बात का पछतावा नहीं था कि उसने " स्नेहा एपिसोड" चला अपने ही पैरो पर कुल्हाड़ी मारी| हाँ, रास्ता उसका टेढ़ा जरुर था पर जो एक काँटा इतने दिनो से उसे चुभ रहा था, उसका तोड़ निकाल लेना भी तो निहायत जरुरी था|
नेहा ने ठान लिया था कि अबकी बार जो स्नेहा ने ज्यादा ललक दिखायी तो उसको वही थाम देगी हमेशा के लिये|
आखिरी दांव वो सब 'अपनो' से स्नेहा को अनफ्रेंड कर देने का कहेगी| असली जीत तो उसकी तभी होगी|
इतने सालो की मेहनत से खड़े किये अपने परिवार की एकजुटता को कोई स्नेहा नहीं तोड़ सकती थी|
जीवन के रंगमंच में अपने हिस्से का किरदार नेहा ने बखुबी निभाया था|
इति
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
नेहा ने तबादले से होने वाली टुटन को दिल से महसूस किया था| जब पैर जमने लगते और दोस्तो की ऱेहरिस्त लंबी होने लगती तब वहाँ से उखड़ किसी दूसरी ...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
विश्व हिंदी दिवस की आप सभी सुधीजनों को शुभकामनाएं। इस अवसर पर अपने कुछ हाइकु पटल पर प्रेषित कर रही हूँ। हिंदी ही भाषा विश्व पटल पर मान बढ़ाये...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
जेवर "जिज्जी, क्या सोचा? मालू की दुल्हन की गोद भराई में क्या देना है? सोना तो आग पकड़े है। पुन्नी बता रही थी कि पचास के ऊपर पहुँच गया है...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
लकीरे राहुल के घर का आज गृहप्रवेश था|बड़े शौक से बनवाया शानदार घर| पूरा घर गुलाब और गेंदे की लड़ियों से गमक रहा था|अभी मेहमानो का आना शुरू न...
-
गुरु मंत्र मैं अपनी ही बहन का फोन "इग्नोर"करने लगी थी|मुझे लगता कि वो हर बात को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान हो जाती हैं|फिर वो समय ...
Very good Anju... Nice story. Rekha aur Tanu ko bhi pasand aayi.
जवाब देंहटाएं