आज माँ खुद आगे आकर वियोम से ' मोबाइल क्लासस' लेना चाहती हैं तो वियोम भी माँ को 'मोबाइल' की 'मायावी' दूनिया में ले जाएगा|माँ को इल्म तो हैं कि ये कितना उपयोगी हैं| नयी चीज सीख लेने की उनकी अदम्य इच्छा रहती हैं पर हिचक केवल 'कुछ गल्त न हो जाए ' की रहती हैं|
वियोम ने माँ को मोबाइल की जरुरी बाते बतायी| उनका हाथ रवाना करने के लिए कुछ ' homework' दिया|गुरु की भूमिका निभाने में वियोम को असीम सुख मिला|गुरुर का कोई स्थान नहीं केवल माँ के कुछ काम आ जाने का सुख|
"गुरु की भुमिका खुब फब रही हैं तुम पर" माँ ने हल्के मन से कहा|वियोम का मन माँ को खुश देख हल्का हो गया|दोनो के समय का सदुपयोग हो रहा था, माँ बेटे के
बीच संवाद हो रहा था|दोनो की दूनिया आपस में जोड़ने को 'मोबाइल' अच्छा माध्यम बन गया था|
बाजार जा वियोम 'डाटा पैक' डलवा लाया| वाहिनी और कांची को sms करने का बोल खुद रसोईघर में जा पहुँचा| दाल के पकने सोंधी खुश्बु से उसकी भूख खुल गयी हैं|
सेवकराम को पता हैं कि वियोम भैया को अंगीठी की धीमी आंच में पकी दाल कितनी भाती हैं|वियोम के रहते तकरीबन सारा खाना अंगीठी में ही पकता हैं|
सेवकराम सबके खाने की आदतो को जानता हैं| माँ के साथ तब से बने हैं जब वियोम महज तीन या चार साल का रहा होगा| घर के सदस्य की तरह ही सबका मान पाते हैं|पर सेवकराम ने इन सबके चलते कभी उन लोगो से मुँहजोरी नहीं की|
उनके रहते ही तो वियोम इतना निंश्चित रह पाता हैं|रसोई करीने से सजी हैं| माँ का ज्यादा समय यही सार संभाल में निकलता हैं| बाबा के चले जाने के बाद से माँ ने अपने को एक मिनट भी खाली नहीं रखा हैं| यादे जो बहूत शिद्दत से किसी की कमी का अहसास दिलाए उनसे पीछा छुड़ा लेने का माँ का ये अपना तरीका हैं|
माँ का sms वाहिनी और कांची को मिल गया हैं| दोनो ने फोन पर माँ को बधाई दी हैं| वियोम अपनी भूमिका में खरा उतर रहा हैं| जीवन की भाग-दौड़ से विलग ये कुछ सार्थक कर लेने का अहसास दिला रहा हैं|
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