नीमा ने साफ तौर पर मना कर दिया;'आपको अपना सामान जहाँ लगाना हो लगाए पर मेरे सामान पर हाथ न लगाए'| नीमा को अहसास न हुआ कि ऐसा कहते कहते उसकी आवाज थोड़ी तीखी हो उठी थी|
वो अजनबी शायद ऐसे परिवेश से आया था जहाँ औरतो को अपनी बात रख लेना अपेळित न था|इसलिए पहले तो वो सकपका गया फिर अकड़ कर बात करने लगा|औरतो से सहूलियत से बात करना उसकी किताब में लिखा न था|जो वो अपशब्दो पर उतरा तो सहयाञी नीमा के बचाव में आ गये|ये दवाब देख शांत तो गया पर खार खाए बैठा रहा|
टी.टी जब टिकट चैक करने आए तब नीमा ने टिकट दिखा दिया|पर उसका टिकट चूकिं ' तत्काल टिकट' की श्रेणी में आता था अतः टी.टी ने उससे अपना पहचानपञ दिखा देने को कहा| नीमा ने अपना ' वोटर पहचानपञ' दिखा दिया| पर ये क्या उसके पहचानपञ का नबंर टी.टी के पास लिस्ट के नबंर से मेल नहीं खाया|
नीमा ने अपना पुराना ' वोटर पहचानपञ' दिखाया था जबकि टिकट में नये' वोटर पहचानपञ' का नबंर लिखा था|टी.टी ने नया पहचानपञ दिखाने को कहा| पर वो नया वोटर पहचानपञ कहाँ से दिखाती?टी़टी ताड़ गया कि शायद वो नया पहचानपञ लेकर नहीं चली हैं|
टी.टी ने थोड़ा कठोर होकर कहा कि 'आपका टिकट खारिज माना जाता हैं| और अगले स्टेशन पर उतर आपको ' जनरल कोच' में जाना होगा| ' नीमा की हालात खराब हो गयी ये सुनकर| जनरल कोच का हाल देख चुकी थी|उसको कुछ सुझता नहीं था क्या करे क्या न करे|
सामने वाले महाशय की ये सब देख-सुन बांछे खिल गयी| हाथ आया ऐसा सुनहरा मौका वो बिल्कुल खोना नहीं चाहता था| टी़टी को खुब उकसाया;' आजकल पढ़े लिखे लोग अनपढ़ो से भी गये बीते होते हैं|इनको तो अभी उतरवा दीजिए| कानुन सबके लिए बराबर हैं|' सारा कानुन अभी-अभी मालूम पड़ गया था उनको|
नीमा बेबस सी सब सह रही थी| करती भी क्या?
सहयाञियों के इतना कहने कि टिकट इनके हाथ में हैं| पहचान पञ से फोटो मेल खा रही हैं| अब मामले को जाने दीजिए टी़टी न माने| ऊपर से उन साहब की बाते आग में घी का काम कर रही थी|
टी़टी ताड़ गया था कि थोड़ा वक्त दे देने पर भी पहचानपञ तो निकलने से रहा इनके पास से| अतः थोड़ा समय दे आगे बढ़ गये|
सामने बैठी आंटी बराबर ढांढस बंधा रही थी उसको| पर उसकी आँखो के आगे ठसाठस भरे ' जनरल कोच' के डिब्बे घुम रहे थे|
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