प्रिय पाठको,
आज कोई कहानी नहीं बल्कि मन की कुछ बात| ये कि इंसान के जीवन में बदलाव होना चाहिए या नहीं? बदलाव होने या न होने के भंवर में ही मडंराता रहता हैं| खुद मैं इस भंवर से दो चार हूई जब पति का तबादला देहरादून से चड़ीगढ़ हुआ|
शहर दोनो अपने में नायाब|देहादून लंबे समय तक रहना हूआ| शायद इसलिए मन में बदलाव का भाव आया हो| नये शहर को देख लेने, नये लोगो से मिलने की|
चड़ीगढ़ आ तो गये पर ज्यादातर सेक्टर में तकरीबन एक ही जैसे मकान होने से कई दिनो तक कोई 'landmark' नहीं बना पाते|जिससे कई बार रास्तो में 'खो'जाते| हंलाकि यह शहर साफ सफाई के ऊँचे मापदंड़ो पर एकदम खरा उतरता हैं|एक गर्व की भी अनुभूति कि इतने उम्दा शहर में रहना हुआ|
बदलाव का ये स्वाद ज्यादा दिन नहीं घुल पाया मुँह में| पुराना शहर, पुराने लोग बेतरह याद आने लगे|जिसके चलते नये शहर से ताल- मेल बैठाना कितना कठिन रहा हमारे लिए|
जिस बदलाव के लिए मन कितना उतावला हो रहा था अब वो बदलाव कितना बेमानी लग रहा था|पर मन के इस अधूरेपन और बिखराहट को समेट लिया वक्त ने|कर लि़या बदलाव को आत्मसा्त|
इस जीवन के पन्नो में कुछ और अध्धायय जुड़ जाने के लिए शायद|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
नेहा ने तबादले से होने वाली टुटन को दिल से महसूस किया था| जब पैर जमने लगते और दोस्तो की ऱेहरिस्त लंबी होने लगती तब वहाँ से उखड़ किसी दूसरी ...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
विश्व हिंदी दिवस की आप सभी सुधीजनों को शुभकामनाएं। इस अवसर पर अपने कुछ हाइकु पटल पर प्रेषित कर रही हूँ। हिंदी ही भाषा विश्व पटल पर मान बढ़ाये...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
जेवर "जिज्जी, क्या सोचा? मालू की दुल्हन की गोद भराई में क्या देना है? सोना तो आग पकड़े है। पुन्नी बता रही थी कि पचास के ऊपर पहुँच गया है...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
लकीरे राहुल के घर का आज गृहप्रवेश था|बड़े शौक से बनवाया शानदार घर| पूरा घर गुलाब और गेंदे की लड़ियों से गमक रहा था|अभी मेहमानो का आना शुरू न...
-
गुरु मंत्र मैं अपनी ही बहन का फोन "इग्नोर"करने लगी थी|मुझे लगता कि वो हर बात को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान हो जाती हैं|फिर वो समय ...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें