सौम्या और सोनल को निकाल कर गाड़ी के दूर ले जाया गया| उनके पीछे आग का एक जोरदार धमाका हुआ और कार - टेंकर धू-धूकर जल उठे|
सौम्या और सोनल को जबरदस्त मानसिक धक्का लगा था| संभलना बहूत कठिन था| सोनल की हालात ज्यादा नाजूक थी| उसे बार-बार बेहोशी छा रही थी|
सौम्या ने थोड़ा साहस दिखाया और अपने चाचा को फोन किया जो उसी शहर में रहते थे|आनन फानन में चाचा सहित कई रिश्तेदार आ जुटे| सबने सौम्या-सोनल को संभाल लिया| किसी को यकीन नहीं होता था कि कल का हंसता-खेलता परिवार यूँ अंत को पाएगा|
सबसे संबल देने वाली बात ये थी कि सारे रिश्तेदारो ने रात दिन एक कर दिया था| सारे काम पूरे करने और दोनो बहनो को मानसिक सहारा देने में|
आघात बड़ा था संभलने में वक्त तो लेता ही|सारे रिश्तेदारो की सार-संभाल का ही नतीजा था कि सौम्या ने तय कर लिया कि जो सपना उसके पापा-मम्मी ने उसके लिए देखा था उसे पूरा करना ही होगा| सोनल को संभाल लेने की जिम्मेदारी भी उसने पूरी तरह अपने ऊपर ले ली|
इतने फैले हूए व्यापार को भी देख लेने की जिम्मेदारी भी सौम्या पर ही आन पड़ी|वक्त ने कुछ पहले ही उसे बड़ा और जिम्मेदार बना दिया था|पापा-मम्मी हमेशा उसके आस- पास ही बने हैं ऐसा उसे हमेशा भान होता था|उसने माना ही नहीं कि अब वे दोनो उनके साथ नहीं हैं| ऐसी सोच उसे संबल देती थी|
वक्त से बड़ा मरहम कोई नहीं होता|सौम्या ने ठान लिया था कि वो खुद और सोनल को निकाल लाएगी इस हादसे से|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें