चौथी किस्त

अगले दिन english क्लास होने के पहले कविता काफी परेशान दिखी|पलक ने पुछा भी पर कविता कुछ बता ही नहीं पायी|
English मैम क्लास में आ चुकी थी| कविता चुप सी हो गयी थी एकदम| जैसे अपने खोल में सिमट गयी हो फिर से| मैम एक एक बच्चे की कॉपी चैक करती जा रही थी और ठीक से काम न करने पर डांट भी रही थी|
    पलक की कॉपी चैक हो चुकी थी और उसे मैम ने गुड भी बोला था|जब कविता का नंबर आया तो धीरे-धीरे मैम के पास गयी|क्या कविता काम करके नहीं लायी|मुझसे तो बोलना था न सारा अपनी कॉपी से लिखवा देती|पर अभी तो देर हो गयी|
   मैम कविता की कॉपी चैक कर रही थी| लग रहा था जैसे उसने पहले का काम मिटा कर उस पर ही homework किया था इसलिए मैम ने जब पूरी कॉपी चैक की तो पहले दिया काम गायब था और रबर से सब मिटा दिया गया था आगे के काम को करने के लिए| मैम ने कड़क कर जो पुछा कविता से तो कविता सहम गयी और मोटे- मोटे आँसु बह निकले उसकी आँखो से|
  मैम चिढ़ गयी इससे और ज्यादा और कॉपी एक तरह से उस पर फेंक जोर से बोली' कल बुला कर लाइए अपने parents को| एक तो काम नहीं ऊपर से सब|'
  कविता धीरे से बोली' मैम मेरे पापा तो बाहर गये हैं|'
मैम बोली' पापा गये हैं बाहर तो मम्मा को तो बुला सकती हो|'
कविता ने एकदम धीरे से कहा ,' मैम मेरी मम्मी नहीं हैं| वो तो तारा बन गयी हैँ|'
मैम के साथ पुरी क्लास एकदम चुप हो गयी|पलक को तो बिल्कुल यकीन न हुआ| क्या कोई मम्मा अपने बच्चे को ऐसे छोड़ सकती हैं'
  मैम का दिल एकदम पिघल गया| कविता को अपने पास चिपटा लिया|' क्या आप नयी कॉपी नहीं खरीद सकते हो अपने पापा से तो आप बोल सकते हो न'
  कविता थोड़ी देर चुप रही पर मैम के प्यार की  गरमाहट से जैसे अपना पुरा दिल मैम के सामने खोल देना चाहा उसने|
    ' पापा तो ज्यादा बाहर रहते हैं| मेरी नयी मम्मी ही सब देखती हैं| उन्होनें नयी कॉपी लाने को मना कर दिया था न|'
   जाने मैम का मन कैसा हो आया उसने कविता का बैग निकाल के देखा| बैगर कवर के दो-चार कॉपी और एक काफी पुराना हो चुका pencil box| मैम ने पैसिंल बाक्स खोला तो उसमें किसी तरह हाथ में आ सकने वाली दो-चार पैसिंल और एक मिटा मिटा कर काला पड़ चुका रबर रखा था|  कविता शर्म से गड़े जा रही थी| मैम ने गर मेरी नयी मम्मी को बुला लिया तो उसकी मार पक्की हैं| पापा से शिकायत होगी सो अलग| आजकल पापा भी उसकी कोई बात नहीं सुनते और कभी हाथ भी उठा देते हैं|
  शायद मैम सुने मेरी यही सोच कविता ने इतने धीरे कहा मैम से कि केवल वही कविता की बात सुन सके| ' मैम मैं पापा के आते ही नयी कॉपी ले आऊगी पर आप नयी मम्मी और पापा को मत बुलाईयेगा|
  मैम समझ गयी हो जैसे उसकी बात|

CONVERSATION

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Back
to top