बैठी हूँ मुहाने पर तेरे,मुसाफिर की तरह,
इंतजार का हर लम्हा बीता,सदियों की तरह|
मंजिल दूर कही खड़ी होगी,तन्हाई सी लिये,
बैठे हैं हमसफर की तलाश में,रहगुजारो की तरह|
अंजू निगम
इंदौर
बैठी हूँ मुहाने पर तेरे,मुसाफिर की तरह,
इंतजार का हर लम्हा बीता,सदियों की तरह|
मंजिल दूर कही खड़ी होगी,तन्हाई सी लिये,
बैठे हैं हमसफर की तलाश में,रहगुजारो की तरह|
अंजू निगम
इंदौर
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