किशन आजकल खाली बैठा हैं| माई की पगार भी तो महीना खत्म होते आयेगी|पर ये मुई भुख जब-तब आ घेर लेती हैं|
        किशन से तीन साल छोटे बुधिया की नन्हीं बुद्धि ये समझ नहीं पा रही थी कि माई काहे अपने लिए एक बखत की रोटी नहीं थापती| काहे माई का पेट पानी से भर जाता हैं!!!
    उधर बुधिया सोच रहा हैं,"जब तक काम नहीं मिलता तब तक उसे भी एक बखत की ही भुख लगेगी"|
               अंजू निगम

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