ये सब सत्कार चल ही रहा था कि पीछे दरवाजे से छोटा बाबू हाजिर हो गये|छोटा बाबू ,आरती के पति|कद के मामले मे छोटा बाबू आरती से उन्नीस ही ठहरते|
अब छोटा बाबू आये, ये कौन बड़ी बात थी|पर वे अपनी वही पटरे वाली जांघिया पहने धड़धड़ाते चले आये|आरती ने देखा तो माथा पकड़ लिया|तनिक आड़ मे जा जांघिया के ऊपर लूंगी चढ़ा लेने के लाख इशारे किये पर छोटा बाबू ठहरे खर बुद्धि|आरती के इशारो को वे ताड़ नहीं पाये|खी-खी कर कुछ कहने को ही हूये कि विमल के साथ आयी लड़की के पहनावे को देख अचकचा गये|
इतनी हलचल से लड़की भी अंदाजा लगा गई कि कमरे मे कोई तीसरा आया हैं,सो नजर नीची कर संभल कर खड़ी हो गई|
आरती ने नयी बहू की नीची नजर को परखा और झट आरती का थाल विमल को पकड़ा अलगनी से लूंगी खींच लायी|
दबे स्वर मे छोटा बाबू को घुड़का,"बांधो इसे"
जल्दी लूंगी अपने चारो ओर खोंस अपनी भूमिका मे आ गये|
"ये किसका आरती -सत्कार हो रहा हैं?"
"आपका बेटा,बहूरिया ले आये है|उसी का सारा ताम-झाम हैं|तुम काहे पीछे खड़े हो गये?तुम भी सत्कार कर लो"आरती के स्वर मे व्यग्यं का पुट था|
छोटा बाबू तनिक हिचकचाये और साथ ही उन्हें भारी अंचभा भी हुआ,"बड़ा हिम्मत दिखाया बच्चवा"मन ही मन खुश होते सोचे|
"हाँ हाँ अपना बहू का सत्कार काहे न करेगे"कह अपना हाथ बहू के सिर पर झपाक से धर दिया|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
नेहा ने तबादले से होने वाली टुटन को दिल से महसूस किया था| जब पैर जमने लगते और दोस्तो की ऱेहरिस्त लंबी होने लगती तब वहाँ से उखड़ किसी दूसरी ...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
विश्व हिंदी दिवस की आप सभी सुधीजनों को शुभकामनाएं। इस अवसर पर अपने कुछ हाइकु पटल पर प्रेषित कर रही हूँ। हिंदी ही भाषा विश्व पटल पर मान बढ़ाये...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
जेवर "जिज्जी, क्या सोचा? मालू की दुल्हन की गोद भराई में क्या देना है? सोना तो आग पकड़े है। पुन्नी बता रही थी कि पचास के ऊपर पहुँच गया है...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
लकीरे राहुल के घर का आज गृहप्रवेश था|बड़े शौक से बनवाया शानदार घर| पूरा घर गुलाब और गेंदे की लड़ियों से गमक रहा था|अभी मेहमानो का आना शुरू न...
-
गुरु मंत्र मैं अपनी ही बहन का फोन "इग्नोर"करने लगी थी|मुझे लगता कि वो हर बात को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान हो जाती हैं|फिर वो समय ...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें