२६ जनवरी

२६ जनवरी| ये तारीख आपके जेहन में क्या तस्वीर बनाती हैं?राष्ट्रपति द्वारा शहीदो को श्रृद्धांजली देना, गणतंञ दिवस परेड, तीनो सैन्य बल द्वारा राष्ट्रपति को सलामी देना, रंग बिरंगी झाकियाँ और भारतीय वायू सेना के हवाई करतब|
      आज इस तारीख से जुड़े कुछ इतिहास के पन्ने खोले और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य पर नजर डाले|
     २६ जनवरी-१९५० के दिन भारत का संविधान लागु हुआ था|इस खास दिन भारतीय संविधान ने शासकीय दस्तावेजो के रुप में भारत सरकार ने १९३५ के अधिनियम का स्थान लिया| ये दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित हुआ|
  अब कुछ रोचक तथ्य:-
 
भारत के प्रथम राष्ट्रपति श्री.राजेन्द्र प्रसादजी ने सर्वप्रथम राजपथ से भारतीय ध्वज फहराया था| देश के पहले और लगातार दो बार राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित होने वाले वो एकमाञ व्यक्ति थे|

हमारा राष्ट्रीय गान बंगाली भाषा में रवीन्द्र नाथ टैगोर ने लिखा था| जो ५२ सेकंड का हैं| इसे बंगाली और हिन्दी दोनो भाषा में गाया जाता हैं|

हमारा भारतीय संविधान २ साल, ११ महीने और १८ दिनो में बना था|

गणतंञ दिवस के हमारे पहले अतिथी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे|

पहली बार १९५५ का गणतंञ दिवस राजपथ पर हुआ था|
राजपथ पर तिरंगा फहरा कर २१ की सलामी दी जाती हैं|

गणतंञ दिवस परेड दुनिया की सबसे बड़ी परेड हैं| जिसमें २५ चलते और घुड़सवार दल,२० सैन्य बैडं,विभिन्न सैन्य वाहन, ३० विमान, ३० सांस्कृतिक झाकियाँ और १२०० स्कुली बच्चे शामिल होते हैं|

सर्वप्रथम १९५८७ में सरकार ने बच्चो को राष्ट्रीय बहादूर पुरस्कार शुरु किया जिसमें १६ साल से कम उम्र बच्चो को पुरस्कार दिया जाता हैं|

३९५ अनुच्छेदो और ८ अनुसूचियों के साथ भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान हैं|

सबसे अंत में- इस बार की परेड में पहली बार राजपथ पर" फ्रांस की रेजीमेंट" भी भारतीय सेना के साथ कदम से कदम मिलायेगी|
    
  आप सब को गणतंञ दिवस की अनेक शुभकामनाँए|

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