सुमि को कितना कुछ मिल गया हो जैसे| रिया ने उसका अब तक का कितना अकेलापन खींच लिया हो जैसे| अनमोल खजाना मिल गया हो जैसे|
मधु की खोज शुरु हुई| दोनो सखियाँ जो आपस में बैठी तो मधु को खोज निकालना कठिन न रहा|मधु को तो खोज ही लिया उसके साथ जाने कितने दोस्त मिलते चले गये|
सुमि तो सबको बिसार ही बैठी थी| इन्हीं दोस्तो में पल्लव भी तो था| सुमि को यकीन करना कठिन हो गया कि ये पल्लव हैं| आजकल वो लदंन में था| लदंन की आबोहवा ने उस पर आश्चर्यजनक परिर्वतन ला दिया था|
सुमि को याद आया कि कैसे वो सुमि के आगे- पीछे घुमता था| पर उनकी शैतानी तिकड़ी ने उसे खुब ही सताया था|वो बेवकुफ, मरियल जैसा पल्लव अब कही नहीं न था| आज रिया-सुमि को बहुत अफसोस हुआ| उम्र के उस अल्लहड़पन ने पल्लव का दिल कितना दुखाया होगा|
पल्लव का घर भी तो इसी शहर में हैं| उसने कभी खोज-खबर ले लेने की जरुरत न समझी| आज रिया से मिल सुमि को अहसास हुआ कि कितना कुछ छुट गया था उससे|
दोनो ने मिल कर मधु को खोजा| मधु का वही reaction था जो रिया का था| खुशी से बौरा गयी वो भी| तय हुआ कि अब फटाफट मिल लेने का तय करते हैं| फिर जाने कितने सहपाठी जुड़ते चले गये| पता चला पल्लव भी उन दिनो भारत में ही होगा| रिया-सुमि की तो हिम्मत न हुई कि पल्लव से संपर्क करे| पर मधु के तो वो बराबर सपंर्क में था| उसी ने पल्लव से इसget together की बात की| इतने बरस के बाद सबका मिलना होता तो पल्लव कैसे पीछे रहता| उसने फौरन हामी भर दी|
सुमि ने लाख बहाने किये| क्योंकि तिकड़ी की मुखिया तो वही थी| पल्लव को नीचा दिखाने का एक मौका उसने न छोड़ा था| अब जो वो पलटवार करे तो वो सह नहीं पायेगी| उस समय के खिलदड़ेपन में ये सोच कहाँ पनप पायी थी कि कभी ऐसा भी होगा|
मधु ने जब बताया कि पल्लव ने अपने घर ही इस पार्टी का इतंजाम रखा हैं| तो सुमि ने न जाने का फैसला लिया|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें