नभ में पहली किरण फूटी|नया सवेरा लेकर| हंलाकि आसमान में बादल छाये थे| पर बीच- बीच में सूरज की किरणे अपने होने का भी अहसास दिला रही थी|
सुलभा की जब नींद टुटी तो मौसम का ये रूप देख उसका मन मस्तिष्क तरो ताजा हो गया| अलस सूबह जाग जाने की उसकी आदत थी|
बगल में सोये पति पर नजर डाली| दूनिया भर की परेशानियों से दीगर नींद में डुबे हूए|
सुलभा दबे पाँव कमरे से बाहर निकली| ढेर सारा काम निपटाना था| सारा समेट उन सबको दिल्ली रवाना होना था|
आज सुलभा की बड़ी बिटिया को डॉक्टेरेट की डिग्री से नवाजा जाना था|सुलभा ने मन ही मन दोहराया|' डॉ.सौम्या रॉय', कितना गर्व से भर देता ये| बरसो की मेहनत का नतीजा|
बेटी के जीवन में एक नया अध्धायय जुड़ने जा रहा था|बच्चो के जीवन में जो संस्कार पिरोये थे वही तो साकार होने वाले थे|
विचारो को झटक उसने चाय का पानी चढ़ा दिया|बाहर से आज का अखबार उठा लायी| चाय बना कर अखबार को टे् में टिका वो रवि को जगाने चल दी|
रवि के बाद सौम्या और सोनल को उठाने की मशक्कत करनी थी|
रवि शहर के जाने माने व्यवसायी थे|शहर के बीचो बीच आलीशान मकान था|जिसे सुलभा ने बड़े ही सुरूचिपूर्ण ढंग से सजाया था
दोनो बेटियाँ भी माँ के दिए गुणो में ढले| संस्कार और व्यवहार दोनो में|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
Nice Di...Very beautiful post.
जवाब देंहटाएंधन्यवाद रूपल
हटाएंधन्यवाद रूपल
हटाएंधन्यवाद रूपल
जवाब देंहटाएंधन्यवाद रूपल
जवाब देंहटाएं