इतनी देर से उठने की वजह से सारे कामो का सिलसिला हाथो से फिसल गया| पानी भरने की लंबी कतार देख माथा भन्ना गया उसका|झुम्मन होता तो रात की थोड़ी कसर अभी पूरी कर लेती|दो-चार सुना अपने मन की भड़ास निकाल लेती|
आज मालकिन की भी दो-चार सुननी होगी|शरीर पर पड़े निशान शायद मालकिन की थोड़ी बहुत सहानुभूति बटोर ले |पर मालकिन की सोच से अच्छी तरह वाकिफ थी सरवरी| ' तेरा तो रोज का किस्सा हैं'ये कह मालकिन कई बार अपनी उपेञा दिखा चुकी हैं|उन्हें केवल काम से मतलब था जिसके वो पैसे देती थी| हाँ मालकिन की लड़की जो १८ बरस की थी और कोई ngo जैसी जगह काम करती थी उसका दुख दर्द बाटंती और खाली समय लिख पढ़ लेने पर जोर देती|सरवरी को उसकी बाते बेकार लगती|पढ़े लिखो के चोचंले लगते|
इधर सरवरी का मन थोड़ा बदला था| पति से आए दिन पड़ने वाले लात-घुसों ने उसका शरीर और मन दोनो तोड़ दिया था|बगल में रहने वाली कजरी का पति तो कित्ता प्यार करता हैं अपनी औरत को|एक मुआ मेरा मरद ही ऐसा निकलना था|
सरवरी उठ बैठी और देर करना ठीक नहीं होगा|सरवरी जब सुबह की रोटी थाप बाहर निकली तो मानो उसका दम ही निकल गया|सामने नगरपालिका की के्न खड़ी थी|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें