दुसरी किस्त

आज पलक कविता के लिए भी टिफिन लायी थी| कविता कितनी खुश हुई ये उसके टिफिन खाने का तरीका बता रहा था|
  ' देखा मेरी मम्मा कितना अच्छा टिफिन देती हैं| पलक को मम्मा पर खुब सारा प्यार हो आया|मेरी मम्मा हैं न world की बेस्ट मम्मा| एक बार वो कविता के मुँह से अपनी मम्मा की तारीफ सुनना चाहती थी|
हाँ, आंटी बहुत अच्छी हैं|' जब कविता बोली तो पलक खुश हो गयी|
अब रोज कविता के लिए भी अलग- अलग तरह का टिफिन आने लगा|कविता को चाव से टिफिन खाते देख पलक को दोहरी खुशी होती|
  दिन बीतते गये और कविता और पलक की दोस्ती एकदम पक्की वाली हो गयी|कविता हर जगह पलक के लिए खड़ी रहती|मानो अपने लिए पलक की तरफ से लाये गये टिफिन का थोड़ा भार उतार रही हो| अब कविता एकदम पीछे नहीं बल्कि पलक के साथ बीच वाली bence पर बैठने लगी|
  खाना भी साथ और गेम्स पीरियड में खेलना भी साथ|कविता हर जगह साये की तरह पलक के आगे पीछे रहती| ऐसे ही एक दिन खेलते खेलते पलक की श्वेता से लड़ाई हो गयी| श्वेता गंदी लड़की थी और उसकी सभी बच्चो से लड़ाई होती थी| मुँह के साथ हाथ पैर भी चलने लगे दोनो के|सारे बच्चे लड़ाई रोकने की कोशिश करने लगे| इसी सब में पलक का नाखुन श्वेता को लग गया|खरोंच लगने से खुन भी निकल आया थोड़ा| वे बच्चे जो श्वेता के साथ थेबोल पड़े' होउ इसके तो तुम्हारे नाखुन लगने से खुन निकल रहा हैं| अब तो ये मर जाएगी|'
  ये सुन कर पलक एकदम डर गयी और श्वेता से माफी भी मांग ली और उसके खुन को हाथ से जल्दी से साफ करने लगी जैसे ऐसा करने से श्वेता का मरना cancel हो जाता| पर अब श्वेता को पलक को परेशान करने का खुब बढ़िया मौका मिल गया जो हाथ से एकदम नहीं जाने देना चाहती थी|
  ' अब कुछ नहीं अब तो मैँ मैम से शिकायत करने जा रही हूँ जो श्वेता ने कहा तो पलक जोर जोर से रोने लगी|कविता एकदम आगे आ कर खड़ी हो गयी| मैं भी मैम से बोल दुगीँ कि fight तुमने शुरु की थी| श्वेता के साथ आये सारे बच्चे बोल उठे कि हम भी मैम से शिकायत करेगे और श्वेता ले कर चले गये मैम के रुम की तरफ| ये देख पलक और  कविता दोनो पहले खुब डर गयी फिर रोने लगी और एक दुसरे को सभांलने लगी| पलक को अपने ऊपर इतना गुस्सा भी आ रहा था| मम्मा ने बोला भी था कि nails काटो अपने पर उसने सुना ही नहीं| भगवान केवल इस बार श्वेता बच जाए फिर वो कभी भी किसी से लड़ाई नहीं करेगी और मम्मा की सारी बाते सुनेगी|
   सारे बच्चे जो श्वेता के साथ गये थे एक एक कर निकल आये और पलक की तरफ आने लगे| पलक और कविता दोनो जहाँ खड़े थे वही खड़े रह गये| मानो पांव जम गये दोनो के|
   पास आकर बोले ' जाओ मैम बुला रही हैं|बहुत लड़ाई करनी आती हैँ न अब मैम  से fight करना|' 
बच्चे तो कह कर चले गये पर पलक और कविता वही बुत बने खड़े रह गये|
  तभी बेल बज गयी छुट्टी होने की| पलक अब जल्दी से भाग कर मम्मा से बड़ा वाला sorry बोलना चाहती थी|

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