अपना हाथ हटा लिया बिरजू ने प्रिया के मुँह पर से|ये वक्त जाया करने का समय नहीं था| प्रिया बिरजू को ले आगे की तरफ बढ़ चली|खतरा उठाना था ही|खतरे की सोचती तो यहाँ आती ही क्यों|
आगे की तरफ जाने पर मुख्य दरवाजा पूरा खुला मिला| बिरजू को साथ ले प्रिया अदंर की ओर उस दिशा में हो ली जहाँ से रोशनी आती दिख रही थी
इधर सुहास तमस के सामने खड़ा था| जो प्रिया चुक गयी देखने से वो था सुहास का पहनावा|सुहास अपनी पूरी युनीफार्म में था|सुहास था'इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस'| प्रिया कुछ और देखने से भी चुक गयी| ये की सुहास तमस से दोस्ती नहीं निभा रहा था बल्कि उस पर पिस्तौल ताने था| सुहास पूरी तैयारी के साथ आया था| तमस के खिलाफ सारे पुख्ता सबूत थे उसके पास|सादे कपड़ो में पुलिस के तमाम आदमी फैले थे|
तमस पीछे की ओर हटता जा रहा था| अचानक उसने पास रखी कु्रसी उठायी और सुहास की तरफ उछाल दी|सुहास ऐसे किसी भी हमले के लिए तैयार नहीं था| तमस को मौका मिल गया और वो भागा बाहर की ओर|
सुहास उठा और बाहर की ओर जो जाने लगा तो देखा तमस वापस आ रहा था और उसके पीछे प्रिया तमसकी कनपट्टी पर पिस्तौल रखे हुए| इतने सालो की नफरत जो प्रिया के मन में पल रही थी तमस के लिए आँखो में उभर आयी|
पुलिस के आदमियो ने तमस को घेर लिया|और हथकड़ी पहना दी उसके हाथो में| प्रिया को सारा माजरा समझते देर नहीं लगी| बिरजू ने अंदर आते ही सुहास को सेल्युट किया| ओह तो ये बात थी| प्रिया को अपनी सोच पर शर्मिदगी हो आयी| तमस को जरा भान नहीं था इस बात का वरना पहले ही सावधान रहता|तमस के सारे चेलो को गिरफ्तार कर लिया गया|
सब के चले जाने के बाद कमरे में सुहास , प्रिया और बिरजू रह गये|प्रिया सुहास से नजरे नहीं मिला पा रही थी|
सुहास ही था जिसने बिरजू को प्रिया की सुरळा के लिए लगा रखा था| उसे भान था तमस की बदनीयती का|तभी तमस से दोस्ती बढ़ायी सुहास ने|ताकि उसकी हरकते सब सुहास की नजरो में रहे| तमस भी तो अपने फायदे के लिए दोस्ती का दम भरता था सुहास से| आढ़े वक्त काम आ सके सुहास की दोस्ती| तभी इतना बेफिकर हो गया था तमस|
अब जो बाकी बचा था वो था तमस को रिमांड में ले डैकेती के माल को वापस पाना|
सुहास ,प्रिया और बिरजू बाहर की ओर चल पड़े| इस मिशन के बाद दोनो के बीच जो दूरियाँ बन चली थी वो आँखो के रास्ते बह तिरोहित हो चली|
चल पड़े दोनो एक नया जीवन एक नया मिशन शुरू करने|
इति
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