|प्रिया के रेस्ट हाउस के आस- पास के लोग शांत,सौम्य और मदद करने वाले थे|उसे अपने कामो से जब भी फुरसत मिलती यहाँ चली आती| कभी सुहास के साथ कभी अकेली|
सुहास प्रिया के पति थे| ऊँचे ओहदे पर आसीन|ऊँचा पद था तो ऊँचे लोगो के साथ उठना बैठना भी था|अक्सर देर रात की पार्टी होती|नहीं पसंद था प्रिया को ऐसा जीवन|सुहास नहीं था पहले ऐसा मगर पद का मद चढ़ गया था उस पर| उसका रूतबा बढ़ा और दायरा भी|
ऐसी ही एक पार्टी में उसकी तमस से मुलाकात हुई|तमस एक रईस खानदान से ताल्लुक रखता था|ये जानते हुए भी कि प्रिया शादी- शुदा है तमस आसक्त हो गया उस पर|अमीरी ने उसके अदंर सब चाहा पा लेने का अहम जो भर दिया था|नहीं भाया प्रिया को तमस|उसकी नजरो का ताव नहीं सह पाई|
पूरी पार्टी में आस - पास ही मड़राता रहा तमस उसके|प्रिया को उसकी बदनीयती का गुमान हो चला था|मगर सुहास पर तो जैसे जादू चढ़ गया था तमस का|प्रिया ने दूरी बना लेनी चाहीमगर तमस था शातिर तबीयत का| मौके निकाल लेता| कसमसा कर रह जाती प्रिया|
ऐसे माहौल से जब वो उकता गयी तो थोड़े दिनो के बदलाव की सोच उसने रेस्ट-हाउस जाने की ठानी| जब रेस्ट हाउस के लिए निकली तो तमस दुसरे रास्ते से उसी के घर आ रहा था| प्रिया को निकलते देख लिया उसने|
CONVERSATION
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें
(
Atom
)
About me
Popular Posts
-
अपनी बालकनी से झाकंते नेहा ने पहली बार वैदेही को देखा था|ट्रक से उतरते सामान पर उसकी नजर टिकी थी|उसके पति तबादले पर यहाँ आए लग रहे थे| आस-पा...
-
बैसाखी वो खासी पुरानी इमारत थी जिसके तीसरे माले में वह रहती थी। ऊपर तक चढ़ते मुझे हफनी आ गई। "रेनू के हाथ में जादू है। एक बार उस...
-
समय ईशा स्कूटी स्टैंड में लगा घर के अंदर प्रविष्ट हुई|सामने स्वरा बैठी थी पर ईशा उसे अनदेखा कर किचन की ओर बढ़ गयी|उसका ये व्यवहार स्वरा को आह...
-
सुमि की यथासंभव कोशिश रहती कि उसका किया कोई काम चाची को नाराज न कर दे|कभी चाची जानबुझकर उसका दुःख उभार देती| तब उसको यही लगता कि काश वो भी ...
-
नभ में पौ फटी और सूरज ने अपनी लालिमा बिखेर दी| सूमि को रात देर से नींद आयी थी|चाची की आवाज से वो चौंक कर उठ बैठी| वक्त देखा और जल्दी अपनी च...
-
रंग ससुराल आ पहली बार उसे अहसास हुआ कि चमड़ी के रंग के हिसाब से रिश्तो की मधुरता नापी जाती हैं| यहाँ उसे एक नया नाम मिला,"काली बहू ...
-
आज दीना बाबू को एहसास हुआ होगा|कि कभी कभी मान की अधिकता न केवल रिश्तो में दूरियाँ ले आता हैं बल्कि कितने काम बिगाड़ देता हैं| इतना कि फिर उस...
-
रिश्ते दीवार घड़ी ने नौ बजाये| श्वेता की घबराहट बढ़ रही थी|"जब वो जानती थी कि पापाजी की याददाश्त कमजोर पड़ रही हैं तो यूँ उन्हें अकेले चले...
-
रामलाल की बिटिया निम्मो की आज शादी हैं| दो गली छोड़ श्यामलाल के घर से रामलाल के घर के पूराने संबंध हैं| पारिवारिक रिश्ते बहुत ही ...
-
हल्दीघाटी दर्रे से कुछ आगे जाकर एक गुफा पड़ती हैं| इसी गुफा में राणा प्रताप अपने वफादार साथियों के साथ मिलकर गुप्त मंञणा करते थे| आज भी वो ज...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें