दूसरी बहर

मात्रा भार
2122,  2122,  2122,  2122

रोक लेती है सदा ,सीरत पाकीजा दीजिए,
साज छेड़े तो मताये वस्ल दीरोजे दीजिये|

कैद हो जाये अदाये बोसे -दीवानी दीजिए,
सोच कर उस बात को शोखे बेताबी दीजिये|

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