चलो एक आँसू तोड़ लाये अपनी किस्मत का,
उसे कुछ सहला दे,तसल्ली दे सब्र की,
कुछ पीले पड़ते वादो को फिर दोहरा ले,
अलगनी से, बिसरे पड़े सपनो की धूल झाड़ आये,
चलो एक आँसू तोड़ लाये|
अंजू निगम
इंदौर

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