हर हर्फ की अपनी तकदीर हैं,
कुछ बेनूर से होते हैं ,
कुछ बेनाजीर,
हर्फ के इस तमाशे में शामिल तो हम भी हैं,
कभी उम्र पाते हैं,
कभी तमाम होते हैं|

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