आओ थोड़ी दोस्ती निभा लूं,
तेरे हिस्से के आसूँ भी मैं बहा लूं,
सोचा अपनी उमर् का भी हिसाब कर लूं,
अपने हिस्से की जिदंगी तेरे नाम कर दूं

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