जीवन के भी खेल अजब,
हमारी अजिजी वो थी,
उनका अजिज कोई और,
खुदाया ऐसी सूरत न देना,
मुलाकात की जगह एक न देना,
अफसाना ही रह जाएगा,
कोई नजर न फिर आयेगा

CONVERSATION

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Back
to top